आश्रम एवं केंद्र
आदिनारायण पीठ के आश्रम और केंद्र साधना, शिक्षा, योग, ध्यान, आध्यात्मिक अध्ययन और सेवा के लिए समर्पित स्थान होंगे।
आश्रम का उद्देश्य केवल निवास या धार्मिक गतिविधियों का स्थान बनना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है जहाँ व्यक्ति कुछ समय के लिए बाहरी व्यस्तताओं से दूरी बनाकर अपने भीतर देखने का अवसर प्राप्त कर सके।
आश्रम एवं केंद्रों में आवश्यकता और क्षमता के अनुसार निम्न गतिविधियाँ आयोजित की जा सकती हैं:
योग एवं ध्यान
नाद-साधना
मंत्र-जप
स्वाध्याय
साधना शिविर
मौन साधना
आध्यात्मिक अध्ययन
गुरु-शिष्य संवाद
आवासीय साधना
सेवा कार्य
आध्यात्मिक सम्मेलन
विशेष पर्व एवं साधना कार्यक्रम
पीठ के विभिन्न केंद्र स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग गतिविधियों पर केंद्रित हो सकते हैं, लेकिन सभी केंद्र मूल दर्शन और पीठ की मर्यादा से जुड़े रहेंगे।
आश्रम में रहना अपने आप में आध्यात्मिक श्रेष्ठता का प्रमाण नहीं है। आश्रम साधना का वातावरण है; साधना का वास्तविक क्षेत्र साधक का जीवन है।